Home - Recent Posts (show/hide)

header ads

मां और नन्हे बालक की अनोखा कहानी.Unique story about mother and little boy in Hindi.

Pocket money

दो साल पहले ही नन्हें बालक की मां ने एक कारखाने में काम पर जाना आरंभ किया था.मां उसे बहुत प्यार करती थी. प्रतिदिन सवेरे मां जब काम पर जाने के लिए निकलती. तो उसे जेब खर्च के लिए पांच पैसे देती थी. पहली बार जब उसने मां से पैसे लिए तो वह मन ही मन सोचने लगा. मैं इन पैसों से मिठाई और गुब्बारा खरीद लूंगा.  फिर सोचा अरे उन्हें बेकार खर्च नहीं करूंगा. मां कितनी  मेहनत से पैसे कमाती है. अगर मैं इन्हें बचा कर रख लूं तो बाद में काम आएगा. पर किस स्थान पर छुपाना ठीक होगा.  मैं पैसे छुपाने की जगह के बारे में सोच रहा था.ना नन्हे बालक सोच ही रहा था कि अचानक पैसे उसके हाथ से छूट  कर फर्श के छेद में जा गिरे.

उसने सोचा यह तो गड़बड़ हो गई फिर उसने अपनी नन्हीं उंगली छेद में डालकर पैसे निकालने का बहुत प्रयास किया, पर पैसे नहीं निकला. क्योंकि छेद बहुत छोटा था.उसके नीचे से पैसे बाहर नहीं निकल सकते थे. फिर नन्हे बालक आश्चर्य से अपनी बाहें फैलाकर कहा अरे ! यह तो पैसे जमा करने के लिए वास्तव में बहुत ही अच्छा जगह है. कोई देख भी नहीं सकता और ले जा भी नहीं सकता.यह तो सचमुच ही एक सुरक्षित स्थान है.

बस फिर क्या था. उस दिन के नन्हे बालक मां से जेब खर्च के पैसे लेकर फर्श के नीचे डाल देता था इस प्रकार पलक झपकते ही 2 वर्ष बीत गए एक दिन मशीन पर काम करते समय मां के हाथ में चोट लग गई. चोट बहुत गहरी थी. नन्हे बालक की मां काम पर नहीं जा पाई और उन्होंने एक महीना घर पर आराम किया. अब नन्हे बालक का जेब खर्च भी मिलना बंद हो गया था.

कुछ दिन बाद मां फिरसे से काम पर जाने लगी.

एक दिन नन्हे बालक अकेला फर्श  के ऊपर बैठकर 2 साल पहले की घटनाओं के बारे में सोच रहा था. सोचते-सोचते स्वयं ही मुस्कुराने लगा. कुछ दिनों में, मैं फर्श के नीचे से सारे पैसे निकाल लूंगा. और मां के लिए कपड़े खरीद लूंगा. नए-नए कपड़े देखकर मां कितनी खुश होगी!

नन्हे बालक अभी यह सोच ही रहा था कि मां काम से वापस लौट आई. वह भागता हुआ गया और उसने मां को पुकारा, पर मां ने कुछ नहीं कहा ऐसा लगता था. कि शायद मां आज बहुत चिंतित और दुखी थी. और बोलना भी नहीं चाहती थी. नन्हे बालक ने सोचा कि शायद फिर से मां बीमार पड़ गई  है.

कुछ ही देर में बाहर से किसी ने दरवाजा खटखटाया. जैसे ही दरवाजा खुला तो एक आदमी ने घर में प्रवेश किया. और उच्च स्वर में मां से बोला तुमने मुझे ₹25 उधार लिए थे क्या लौटाना नहीं है ?

"श्रीमान जी, मुझे क्षमा कर दीजिए मैं पिछले महीने काम पर नहीं जा पाई परंतु अब मैंने काम पर जाना शुरू कर दिया है. अब मैं आपके रूपए शीघ्र ही लौटा दूंगा. क्या आप कुछ दिन और प्रतीक्षा नहीं कर सकते.  नन्हे बालक की मां ने कहा.

उस आदमी ने जैसे ही यह सुना तो गुस्सा से मेज पर हाथ मारने लगा और बोला.  पिछले महीने भी तुमने यही कहा था. मैंने पहले ही इतने दिन इंतजार कर लिया है. पर तुमने अभी तक रुपए नहीं लौटाए और यदि तुम आज मेरे पैसे नहीं  वापस करोगी, तो मैं तुम्हें जेल में डलवा दूंगा.

नन्हे बालक  उस आदमी को देखकर डर गया था.  जब उसे यह मालूम हुआ एक बार जब मां का हाथ मशीन में आ गया था. तब उसने ही मां को रुपए उधार दिए थे. तभी नन्हा बालक धीरे से मां के पीछे आकर खड़ा हो गया और बोला मां मेरे पास पैसे है.

आश्चर्य से नन्हे बालक की ओर देखकर बोली तेरे पास पैसे कहां से आए. नन्हे बालक ने कुछ उत्तर नहीं दिया. उसने जल्दी से जाकर एक छेनी खोजा और फर्श को दो तीन बार ठोका फिर लकड़ी के फर्श को खोला और नीचे हाथ डालकर. और हाथ भरकर पैसे निकाले और बोला मां देखो मेरे पास बहुत सारे पैसे हैं इन्हें मैं 2 साल से जमा कर रहा था. तभी तो आज इतने ज्यादा हो गए.  मां ने नन्हे बालक को गले से लगा लिया और बोली अच्छे बच्चे आज तुमने मुश्किल में मेरी सहायता की है. ऐसा कहते हुए उनकी आंखों से आंसू बहने लगे.

Have a nice day.

Post a Comment

0 Comments